| [कविता' २०२०] - शून्य मी.. अनंत मी |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - बरसती धारा |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - भुंगा |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - देता निरोप तुजला |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - येवून जा जराशी.. |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - बिअर मात्र सुरेख होती |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - पोहे मात्र सुरेख झाले |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - शोधू जरा (गझल) |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - आपलं माणूस |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - मुखवटे |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - चौक |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - ......फूल/ पिस्तूल ठेविले. |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - उचकी |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - नका जाऊ बाहेर लॉकडाऊनमधी राया (लावणी) |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - प्रश्न उजेडाचे -- प्रश्न अंधाराचे |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - अडगळ |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - एकटीच राधिका... |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - खेळ |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - अनर्थ |
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साहित्य संपादक |
| [कविता' २०२०] - भांडण |
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साहित्य संपादक |