कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शीर्षक सुचले नाही | चांदणे संदीप | 0 | |
| शीर्षक सुचले नाही | चांदणे संदीप | 26 | |
| पुतळे आदर्शाचे | पाषाणभेद | 0 | |
| पुतळे आदर्शाचे | पाषाणभेद | 4 | |
| मालाडचा म्हातारा... | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| मालाडचा म्हातारा... | अनन्त्_यात्री | 22 | |
| सजणूक दे फुलोर्याची | माहितगार | 0 | |
| सजणूक दे फुलोर्याची | माहितगार | 3 | |
| (स्वप्ना, जागृती, सीमा) | प्रसाद गोडबोले | 0 | |
| (स्वप्ना, जागृती, सीमा) | प्रसाद गोडबोले | 7 | |
| किचनमधून ती सांगते | श्रीगणेशा | 0 | |
| किचनमधून ती सांगते | श्रीगणेशा | 13 | |
| कोळीगीतः समींदरा, जपून आण माझ्या घरधन्याला | पाषाणभेद | 0 | |
| कोळीगीतः समींदरा, जपून आण माझ्या घरधन्याला | पाषाणभेद | 6 | |
| स्वप्न जागृतीची सीमा | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| स्वप्न जागृतीची सीमा | अनन्त्_यात्री | 2 | |
| पुरूष एक वाल्या कोळी. | कर्नलतपस्वी | 0 | |
| पुरूष एक वाल्या कोळी. | कर्नलतपस्वी | 2 | |
| (ऐसे(ही) ऐकिले आकाशी) | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| (ऐसे(ही) ऐकिले आकाशी) | ज्ञानोबाचे पैजार | 4 |