कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| आता फक्त घासफूस ... | गबाळ्या | 0 | |
| आता फक्त घासफूस ... | गबाळ्या | 0 | |
| एक सल नेहमीच - भावानुवाद | चांदणे संदीप | 0 | |
| एक सल नेहमीच - भावानुवाद | चांदणे संदीप | 5 | |
| बघ जरा झोळीत माझ्या काय आहे…. | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| बघ जरा झोळीत माझ्या काय आहे…. | अनन्त्_यात्री | 5 | |
| जपमाळ | शैलेन्द्र | 0 | |
| जपमाळ | शैलेन्द्र | 32 | |
| ||संत ज्ञानेश्वर || | वैभवदातार | 0 | |
| ||संत ज्ञानेश्वर || | वैभवदातार | 1 | |
| चंद्रमण्यांचे पाझर | अनन्त्_यात्री | 9 | |
| चंद्रमण्यांचे पाझर | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| अहेवपण ... | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| अहेवपण ... | विशाल कुलकर्णी | 15 | |
| असतेस घरी तू जेव्हा...(विडंबन काव्य) | OBAMA80 | 0 | |
| असतेस घरी तू जेव्हा...(विडंबन काव्य) | OBAMA80 | 3 | |
| #एकादशी # | सतिश गावडे | 0 | |
| #एकादशी # | सतिश गावडे | 10 | |
| !! बालदीन !! | नाखु | 5 | |
| !! बालदीन !! | नाखु | 0 |