| गाथा स्मायलींची |
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जुइ |
| क्रोशायार्न |
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सानिकास्वप्निल |
| अर्थ्स चिल्ड्रेन |
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पैसा |
| नक्षी |
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इनिगोय |
| झाले मोकळे आकाश |
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अजया |
| तुझी माझी मैत्री |
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स्वाती दिनेश |
| किस ऑफ लव्ह : जादूची पप्पी |
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स्रुजा |
| दोघीजणी |
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स्पंदना |
| जर्मनीतील स्त्रियांचे समाजजीवन |
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मधुरा देशपांडे |
| व्हर्जिनिया वुल्फचे ‘अ रूम ऑफ वन्स ओन’ |
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विशाखा पाटील |
| मनोगत |
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इनिगोय |
| संपादकीय |
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अजया |
| आमचे गणपती-(बसतात..!) |
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अत्रुप्त आत्मा |
| क्रांतिकारी जगपालट घडवून आणणार्या व्यापारी कंपन्या |
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डॉ सुहास म्हात्रे |
| पुरुष :- एक नामशेष होऊ घातलेली जमात |
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ज्ञानोबाचे पैजार |
| दयेव... |
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धन्या |
| दूरस्थ |
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मीराताई |
| नाही देखिले पंचानना |
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सुबोध खरे |
| कृष्णमयी |
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सस्नेह |
| भक्तीमार्गातील अडथळे. |
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प्रभाकर पेठकर |