कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| तु येशील का ? | शितल | 0 | |
| संगणक उद् बोध | अरुण मनोहर | 0 | |
| दह्या वर भागवावे ते असे ! | मुन्गी | 0 | |
| विडंबन | केशवसुमार | 0 | |
| नाते ना 'ते' राहीले | भ्रमर | 0 | |
| मी गेल्यावर | पुष्कराज | 0 | |
| एक कोड्न | मुन्गी | 0 | |
| Close encounters of the third kind (एक पद्यकथा) | अरुण मनोहर | 0 | |
| आधुनिक कृष्ण | काळा_पहाड | 0 | |
| धोतर (हे लिखाण काढून टाकण्यात आले आहे.) | कैलासराजा | 0 | |
| (कधी) | केशवसुमार | 0 | |
| '' मरावे परी लग्न नाही करावे '' | विवेकवि | 0 | |
| काही खावेसे वाटते पण खाणार नाही | अरुण मनोहर | 0 | |
| समर्पित हो | काळा_पहाड | 0 | |
| (किंमत) | चेतन | 0 | |
| जहाल नेत्याचे अंतरंग | हेरंब | 0 | |
| किंमत | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 0 | |
| (एका 'बैलाचे' मनोगत (गजल)) | चतुरंग | 0 | |
| पक्षी निरीक्षण | चेतन | 0 | |
| समर्पण.. | प्राजु | 0 |