कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| कधी वाटतं.. | विसोबा खेचर | 14 | |
| कधी वाटतं.. | विसोबा खेचर | 0 | |
| बाजारभाव (४-११-२००९) | Bhagwanta Wayal | 0 | |
| बाजारभाव (४-११-२००९) | Bhagwanta Wayal | 0 | |
| एकटा | राजा सोव्नी | 4 | |
| एकटा | राजा सोव्नी | 0 | |
| मत आणि मु* | ज्ञानोबाचे पैजार | 4 | |
| मत आणि मु* | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| संमोहरमल | अज्ञातकुल | 17 | |
| संमोहरमल | अज्ञातकुल | 0 | |
| ॥ पगाराचा दिवस॥ | Bhagwanta Wayal | 5 | |
| ॥ पगाराचा दिवस॥ | Bhagwanta Wayal | 0 | |
| नवा जिल्बिवाला | अत्रुप्त आत्मा | 60 | |
| नवा जिल्बिवाला | अत्रुप्त आत्मा | 0 | |
| दोन माता | राजा सोव्नी | 14 | |
| दोन माता | राजा सोव्नी | 0 | |
| तू, मी अन…..!!! | फिझा | 7 | |
| तू, मी अन…..!!! | फिझा | 0 | |
| वेदना | रेशा | 8 | |
| वेदना | रेशा | 0 |