कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| प्रजासत्ताक ... | फुंटी | 0 | |
| प्रजासत्ताक ... | फुंटी | 0 | |
| तू | चुकार | 0 | |
| तू | चुकार | 6 | |
| (खमकेच टगे बसतात इथे) | दमामि | 0 | |
| (खमकेच टगे बसतात इथे) | दमामि | 20 | |
| नवखेच सखे फसतात इथे | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| नवखेच सखे फसतात इथे | विशाल कुलकर्णी | 23 | |
| मनाचं प्लॉटिंग | फुंटी | 0 | |
| मनाचं प्लॉटिंग | फुंटी | 2 | |
| (जरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| (जरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला | ज्ञानोबाचे पैजार | 9 | |
| शब्दविता | फुंटी | 4 | |
| शब्दविता | फुंटी | 0 | |
| (तरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला! | सत्यजित... | 0 | |
| (तरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला! | सत्यजित... | 10 | |
| या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला.. वेगळे सुचलेले-- | राघव | 0 | |
| या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला.. वेगळे सुचलेले-- | राघव | 9 | |
| (भिती तुझ्याउरी पण) | नाखु | 0 | |
| (भिती तुझ्याउरी पण) | नाखु | 6 |