कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| प्रपोज डे | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| प्रपोज डे | अविनाशकुलकर्णी | 1 | |
| मी माझा | दिपोटी | 0 | |
| मी माझा | दिपोटी | 2 | |
| माणूस प्रगत झालाय? | फुंटी | 0 | |
| माणूस प्रगत झालाय? | फुंटी | 0 | |
| मुक्तपीठ | चुकार | 0 | |
| मुक्तपीठ | चुकार | 4 | |
| सर्वसामान्य आणि राजकारणी! | ज्योति अळवणी | 0 | |
| सर्वसामान्य आणि राजकारणी! | ज्योति अळवणी | 3 | |
| तुझी आठवण, साठवणींच्या कोंदणात अशीच पडून राहिली | खिलजि | 0 | |
| तुझी आठवण, साठवणींच्या कोंदणात अशीच पडून राहिली | खिलजि | 1 | |
| जसे छाटले मी मला येत गेले,धुमारे पुन्हा! | सत्यजित... | 0 | |
| जसे छाटले मी मला येत गेले,धुमारे पुन्हा! | सत्यजित... | 10 | |
| माझे जगणे होते गाणे ( विडंबन ) | गोगट्यांचा समीर | 0 | |
| माझे जगणे होते गाणे ( विडंबन ) | गोगट्यांचा समीर | 1 | |
| (हे कोहल्यांच्या विराटा) | दमामि | 0 | |
| (हे कोहल्यांच्या विराटा) | दमामि | 4 | |
| डू-आयडीज् खूप दिसतात इथे, परतुनी येती "नाना"विध रूपे | चामुंडराय | 0 | |
| डू-आयडीज् खूप दिसतात इथे, परतुनी येती "नाना"विध रूपे | चामुंडराय | 1 |