| कुणी मत देता का मत? |
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विसोबा खेचर |
| विडंबनः चाळीमधल्या खोलीमधली राजा आणिक राणी |
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अविनाश ओगले |
| संथ चालते मालिका ही... |
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अविनाश ओगले |
| चेहर्याभोवती दाढी उमलत आहे ! |
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केशवसुमार |
| अपेक्षा |
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अनिला |
| अंदाज तारखांचा, चुकला जरा असावा |
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केशवसुमार |
| वाच पुस्तके |
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अविनाश ओगले |
| अंदाज बायकोचा वाटे खरा असावा |
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अविनाश ओगले |
| आनंदयात्री.. |
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प्राजु |
| मिस्सळ मी चापतो, तर्रीची, मिस्सळ मी चापतो... |
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अविनाश ओगले |
| "मैफिल" |
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पेशवे बाजीराव तिसरे |
| इलाही जमादार ह्यांची नितांतसुंदर गज़ल! |
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चतुरंग |
| गद्य्-काव्य |
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वेडा |
| श्वासालाही उघाणं आलं. |
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raje1981 |
| भाऊसाहेब पाटणकर यांच्या गझल |
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पुष्कर |
| " निरंतर " |
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पेशवे बाजीराव तिसरे |
| " एकान्त " |
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पेशवे बाजीराव तिसरे |
| " सखी " |
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पेशवे बाजीराव तिसरे |
| (झुलवा) |
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केशवसुमार |
| विरोप |
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अनिला |