| कोल्हे वाण्याला कोकणी सल्ला |
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धनंजय |
| तिचे अभंग, तिची गाथा |
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नंदन |
| आजही मला ते सर्व आठवतय |
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धमाल मुलगा |
| लहान मुलांना पोटशूळ झाल्यास म्हणायचा मंत्र |
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धनंजय |
| (आपण...) |
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केशवसुमार |
| प्रिया आज माझी.. |
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सर्वसाक्षी |
| संध्याखंत - २ |
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आजानुकर्ण |
| संध्याखंत |
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नंदन |
| व्हॅलेंटाईन्स डे.... |
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प्राजु |
| माझी चिंतनिका |
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युयुत्सु |
| झांज.. |
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ऋषिकेश |
| तू असता तर...! |
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प्राजु |
| सांज.. |
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प्राजु |
| प्रेम |
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विवेकवि |
| भास |
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गिरीशमित्र |
| तीन पत्तीच्या खेळाची |
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केशवसुमार |
| आपलं माणूस |
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संगीता |
| मद्यमैफलीस प्रारंभ करण्यापूर्वी म्हणायचा श्लोक. |
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अविनाश ओगले |
| "मैञीण" |
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विवेकवि |
| सुभाषित |
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धोंडोपंत |