| मला आवडलेल्या काही अलिकडील कविता |
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मुक्तसुनीत |
| कांगारु |
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चतुरंग |
| स्वर्ग |
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सृष्टीलावण्या |
| अजुन काय हवे ... |
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विवेकवि |
| आठवण....... |
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विवेकवि |
| तुझ्याशिवाय.............. |
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विवेकवि |
| कितीही येऊ दे वादळं वाटेत माझ्या ... |
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फटू |
| मला आलेले एक स्वारस्यपूर्ण अग्रप्रेषित (Forward) |
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शरुबाबा |
| (ताळमेळ) |
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केशवसुमार |
| बॉस आज सुट्टीवरी, त्यात क्रीकेट कॉमेंट्री |
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प्रा सुरेश खेडकर |
| "स्वयेश्री प्रोफेसर पाहती" स्वरचित विडंबन गीत |
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प्रा सुरेश खेडकर |
| राजा भोज याने कालिदासाला दिलेली समस्या |
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चतुरंग |
| चूक१ |
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केशवसुमार |
| माझे अभंग माझी गाथा |
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केशवसुमार |
| "मेड इन चायना'पाठीमागचे रहस्य यात आहे! |
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मीनल |
| जस्सं च्या तस्स राहिल का सारं ? |
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धमाल मुलगा |
| मिसळपाव- एक कुरण.. |
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प्राजु |
| फुवा-बीजिंग मधील २००८ ऑलिंपिकचे मॅस्कॉट |
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मीनल |
| मैत्री असावी ......... |
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विवेकवि |
| कंटाळा..... |
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विवेकवि |