कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सुट्टीतील प्रेम | Shubham vanve | 0 | |
| सुट्टीतील प्रेम | Shubham vanve | 0 | |
| सुट्टीतील प्रेम | Shubham vanve | 0 | |
| सुट्टीतील प्रेम | Shubham vanve | 0 | |
| विडंबन ( चायनाच्या वूहानमध्ये...) | मायमराठी | 0 | |
| विडंबन ( चायनाच्या वूहानमध्ये...) | मायमराठी | 6 | |
| मौनाचे गुपित | चलत मुसाफिर | 0 | |
| मौनाचे गुपित | चलत मुसाफिर | 10 | |
| मै एक चिराग बन जाऊं | गणेशा | 4 | |
| मै एक चिराग बन जाऊं | गणेशा | 0 | |
| नाभिका रे केस वाढले रे, धैर्याने उघड जरा आज सलून रे | चामुंडराय | 0 | |
| नाभिका रे केस वाढले रे, धैर्याने उघड जरा आज सलून रे | चामुंडराय | 18 | |
| कोरोना गीत | प्रकाश घाटपांडे | 0 | |
| कोरोना गीत | प्रकाश घाटपांडे | 11 | |
| क्वारंटाईनमधले प्रेम | मायमराठी | 0 | |
| क्वारंटाईनमधले प्रेम | मायमराठी | 2 | |
| करोणागीत.. | माम्लेदारचा पन्खा | 2 | |
| करोणागीत.. | माम्लेदारचा पन्खा | 0 | |
| गोष्ट | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| गोष्ट | अनन्त्_यात्री | 1 |