| आठवण |
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सागरसाथी |
| जाणिवांची बाराखडी |
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चक्कर_बंडा |
| श्रावणही आला फिरूनी |
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Bhakti |
| नकोस विसरू |
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अनन्त्_यात्री |
| पानात लपलेल्या फुलाला पाहून... |
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कर्नलतपस्वी |
| श्रावण |
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कर्नलतपस्वी |
| तुला काय ठाऊक सजणी, तुझ्यावर कोण कोण मरतंय ... |
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चित्रगुप्त |
| भरु आज पेला ( गटारी स्पेशल) |
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किरण कुमार |
| तू..... |
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चक्कर_बंडा |
| एकदा |
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अनन्त्_यात्री |
| आठवणींचा पाऊस |
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पाषाणभेद |
| चारोळया: ताज्या घटनांवर |
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विवेकपटाईत |
| संध्यासमय |
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अत्रुप्त आत्मा |
| (सन्तूर) |
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ज्ञानोबाचे पैजार |
| सन्तूर |
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अनन्त्_यात्री |
| तो पाऊस निराळा असतो..! |
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राघव |
| विठू माउली |
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मालविका |
| अतृप्त ओळी |
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अत्रुप्त आत्मा |
| लढवय्या |
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कर्नलतपस्वी |
| (दळण नसलेल्या गिरणीवर) |
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ज्ञानोबाचे पैजार |