कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सद्गुरू माउली | सागरलहरी | 6 | |
| सद्गुरू माउली | सागरलहरी | 0 | |
| टंकेल वीडंबक जैं न काहीं | धनंजय | 27 | |
| टंकेल वीडंबक जैं न काहीं | धनंजय | 0 | |
| पुन्हा एकदा | jaypal | 9 | |
| पुन्हा एकदा | jaypal | 0 | |
| मीरा म्हणे ........... | झुम्बर | 2 | |
| मीरा म्हणे ........... | झुम्बर | 0 | |
| (हळूहळू हा तापच झाला स्वैपाक अन्) | राजेश घासकडवी | 7 | |
| (हळूहळू हा तापच झाला स्वैपाक अन्) | राजेश घासकडवी | 0 | |
| महाराष्ट्र कर्नाटक सीमावादावरील गीत : उठ रे मराठी गड्या तू चल सीमेवर | पाषाणभेद | 24 | |
| महाराष्ट्र कर्नाटक सीमावादावरील गीत : उठ रे मराठी गड्या तू चल सीमेवर | पाषाणभेद | 0 | |
| निवडुंग........ | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| निवडुंग........ | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| अतरंग ... | विशाल कुलकर्णी | 3 | |
| अतरंग ... | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| शिशिर ऋतू का आला हेमंत सरून | पाषाणभेद | 1 | |
| शिशिर ऋतू का आला हेमंत सरून | पाषाणभेद | 0 | |
| हाच आपला ढंगु आहे... | घाटावरचे भट | 21 | |
| हाच आपला ढंगु आहे... | घाटावरचे भट | 0 |