कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| पाउस आनि निसर्ग | अनिरुद्धशेटे | 1 | |
| पाउस आनि निसर्ग | अनिरुद्धशेटे | 0 | |
| कोणत्या शब्दात दम त्याला भरू ? | केशवसुमार | 9 | |
| कोणत्या शब्दात दम त्याला भरू ? | केशवसुमार | 0 | |
| तुज्या डोल्यांच गान आयकलच नाय | ब्रिटिश | 31 | |
| तुज्या डोल्यांच गान आयकलच नाय | ब्रिटिश | 0 | |
| कोणत्या मापात मी पेला भरू? | केशवसुमार | 11 | |
| कोणत्या मापात मी पेला भरू? | केशवसुमार | 0 | |
| गीत : सूर आज माझे का अबोल झाले | पाषाणभेद | 2 | |
| गीत : सूर आज माझे का अबोल झाले | पाषाणभेद | 0 | |
| वारी | राजेश घासकडवी | 20 | |
| वारी | राजेश घासकडवी | 0 | |
| विकांताची करमणूक . | रामदास | 14 | |
| विकांताची करमणूक . | रामदास | 0 | |
| आज अचानक तुझी आठवण का यावी | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 6 | |
| आज अचानक तुझी आठवण का यावी | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 0 | |
| एका स्थळात लिहिली, वीडंबने हि दोन | राजेश घासकडवी | 21 | |
| एका स्थळात लिहिली, वीडंबने हि दोन | राजेश घासकडवी | 0 | |
| एका स्थळात लिहिली, जी धोरणे अनेक | केशवसुमार | 9 | |
| एका स्थळात लिहिली, जी धोरणे अनेक | केशवसुमार | 0 |