कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| एका स्थळात लिहिली, जी धोरणे सुरेख | केसुरंगा | 21 | |
| एका स्थळात लिहिली, जी धोरणे सुरेख | केसुरंगा | 0 | |
| किती सुखाचे असेल | क्रान्ति | 16 | |
| किती सुखाचे असेल | क्रान्ति | 0 | |
| मी न माझा……… | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| मी न माझा……… | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| कव्वाली : अशी ग कशी सोडूनी जाते तू मला | पाषाणभेद | 0 | |
| कव्वाली : अशी ग कशी सोडूनी जाते तू मला | पाषाणभेद | 0 | |
| नाव सुचत नाही. | स्पंदना | 6 | |
| नाव सुचत नाही. | स्पंदना | 0 | |
| शून्य | sur_nair | 6 | |
| शून्य | sur_nair | 0 | |
| स्वप्नी माझ्या आलीस तू | पाषाणभेद | 0 | |
| स्वप्नी माझ्या आलीस तू | पाषाणभेद | 0 | |
| सीमालढागीतः भिऊ नको मराठी जना | पाषाणभेद | 5 | |
| सीमालढागीतः भिऊ नको मराठी जना | पाषाणभेद | 0 | |
| काही राहीलेले | पंचम | 5 | |
| काही राहीलेले | पंचम | 0 | |
| गाणी | क्रान्ति | 14 | |
| गाणी | क्रान्ति | 0 |