कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (एका तळ्यात होती) | मूकवाचक | 31 | |
| (एका तळ्यात होती) | मूकवाचक | 0 | |
| नववर्षाचा सण हा पहिला आनंदाने साजरा करू | पाषाणभेद | 2 | |
| नववर्षाचा सण हा पहिला आनंदाने साजरा करू | पाषाणभेद | 0 | |
| पुन्हा रात्र (२) | निनाव | 1 | |
| पुन्हा रात्र (२) | निनाव | 0 | |
| आश्वस्त | सोनल कर्णिक वायकुळ | 2 | |
| आश्वस्त | सोनल कर्णिक वायकुळ | 0 | |
| ( पेटवी लंका हनुमंत ) | अर्धवट | 29 | |
| ( पेटवी लंका हनुमंत ) | अर्धवट | 0 | |
| दाणे पडले टप टप टप | विदेश | 8 | |
| दाणे पडले टप टप टप | विदेश | 0 | |
| पाखरे निघालीत देशांतराला ...!! | प्रकाश१११ | 3 | |
| पाखरे निघालीत देशांतराला ...!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| काफिला ... | sagarparadkar | 0 | |
| काफिला ... | sagarparadkar | 0 | |
| विझले आज दिवे सारे | निनाव | 4 | |
| विझले आज दिवे सारे | निनाव | 0 | |
| शोध माझा | निनाव | 1 | |
| शोध माझा | निनाव | 0 |