कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| श्वास श्वासात... | गणेशा | 14 | |
| श्वास श्वासात... | गणेशा | 0 | |
| समाजाच प्रतिबिंब | स्वर भायदे | 2 | |
| समाजाच प्रतिबिंब | स्वर भायदे | 0 | |
| आयुष्य साधेपणे जगत गेला ...!! | प्रकाश१११ | 8 | |
| आयुष्य साधेपणे जगत गेला ...!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| भाकीत | दीपा माने | 6 | |
| भाकीत | दीपा माने | 0 | |
| फुलपाखरू माझ्या मनीचे.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 5 | |
| फुलपाखरू माझ्या मनीचे.... | हर्षद प्रभुदेसाई | 0 | |
| शत्रु समोरून थेट वार करुन गेला - | विदेश | 6 | |
| शत्रु समोरून थेट वार करुन गेला - | विदेश | 0 | |
| रास | नगरीनिरंजन | 6 | |
| रास | नगरीनिरंजन | 0 | |
| सहवास | निनाव | 3 | |
| सहवास | निनाव | 0 | |
| ससा आणि कासव - | विदेश | 8 | |
| ससा आणि कासव - | विदेश | 0 | |
| पुन्हा रात्र | निनाव | 9 | |
| पुन्हा रात्र | निनाव | 0 |