कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| दूर दूर जातानां | निनाव | 2 | |
| दूर दूर जातानां | निनाव | 0 | |
| पुनर्जन्म | ajay wankhede | 5 | |
| पुनर्जन्म | ajay wankhede | 0 | |
| (एका अपरिमेयाचे मुक्तसुनीत) | चतुरंग | 41 | |
| (एका अपरिमेयाचे मुक्तसुनीत) | चतुरंग | 0 | |
| पुन्हा नव्याने... | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 19 | |
| पुन्हा नव्याने... | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 0 | |
| एका अपरिमेयाचं मुक्तसुनीत | राजेश घासकडवी | 36 | |
| एका अपरिमेयाचं मुक्तसुनीत | राजेश घासकडवी | 0 | |
| चांदण्यांस मिठी मारतांना | निनाव | 10 | |
| चांदण्यांस मिठी मारतांना | निनाव | 0 | |
| न्याय तुमचा खास आहे | डॉ अशोक कुलकर्णी | 12 | |
| न्याय तुमचा खास आहे | डॉ अशोक कुलकर्णी | 0 | |
| मुन्नी बदनाम- एक रसग्रहण | प्यारे१ | 20 | |
| मुन्नी बदनाम- एक रसग्रहण | प्यारे१ | 0 | |
| नारो शंकराची घंटा ...!! | प्रकाश१११ | 5 | |
| नारो शंकराची घंटा ...!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| काजव्यांचा जणू सूर्यास शाप आहे | गणेशा | 7 | |
| काजव्यांचा जणू सूर्यास शाप आहे | गणेशा | 0 |