कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| अजून आहे मी वनवासी | आनंदमयी | 0 | |
| अजून आहे मी वनवासी | आनंदमयी | 9 | |
| प्रसाद शेरणीचा | BONGALE SANTOSH SHAHU | 0 | |
| प्रसाद शेरणीचा | BONGALE SANTOSH SHAHU | 2 | |
| पुन्हा नव्याने.. | आनंदमयी | 0 | |
| पुन्हा नव्याने.. | आनंदमयी | 17 | |
| अर्थ | माम्लेदारचा पन्खा | 0 | |
| अर्थ | माम्लेदारचा पन्खा | 8 | |
| सल अंतरीचा.. | फुंटी | 0 | |
| सल अंतरीचा.. | फुंटी | 6 | |
| शब्द चिमुकले सांडत होते ... | जेनी... | 32 | |
| शब्द चिमुकले सांडत होते ... | जेनी... | 0 | |
| वानोळा | अज्ञातकुल | 0 | |
| वानोळा | अज्ञातकुल | 6 | |
| रेडा कायें (म्हणोन) लपविता... ??? | बॅटमॅन | 0 | |
| रेडा कायें (म्हणोन) लपविता... ??? | बॅटमॅन | 53 | |
| तुझिया डोळ्यांत तेंव्हा पाऊस दाटला होता … | घन निल | 0 | |
| तुझिया डोळ्यांत तेंव्हा पाऊस दाटला होता … | घन निल | 11 | |
| ( चला नांगरूया शेत सारे ) | मोदक | 39 | |
| ( चला नांगरूया शेत सारे ) | मोदक | 0 |