कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| दुनियादारी REMIX | विअर्ड विक्स | 0 | |
| दुनियादारी REMIX | विअर्ड विक्स | 1 | |
| ओढ | विअर्ड विक्स | 0 | |
| ओढ | विअर्ड विक्स | 2 | |
| सरत चालली रात | आनंदमयी | 0 | |
| सरत चालली रात | आनंदमयी | 4 | |
| दाटून मेघ येता | आनंदमयी | 0 | |
| दाटून मेघ येता | आनंदमयी | 9 | |
| प्रथमच एक गझल लिहण्याचा प्रयत्न केला आहे. | psajid | 0 | |
| प्रथमच एक गझल लिहण्याचा प्रयत्न केला आहे. | psajid | 19 | |
| झोपेत वर्गात येणे, अन येऊन पुन्हा झोपणे (विडंबन) | पल्लवी मिंड | 0 | |
| झोपेत वर्गात येणे, अन येऊन पुन्हा झोपणे (विडंबन) | पल्लवी मिंड | 12 | |
| तू …. ! | BONGALE SANTOSH SHAHU | 1 | |
| तू …. ! | BONGALE SANTOSH SHAHU | 0 | |
| आजकाल हे असे आहे... | निमिष सोनार | 0 | |
| आजकाल हे असे आहे... | निमिष सोनार | 2 | |
| आज 'तो' राहिला नाही | आनंदमयी | 0 | |
| आज 'तो' राहिला नाही | आनंदमयी | 6 | |
| मी.... | घन निल | 0 | |
| मी.... | घन निल | 2 |