कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| तू उत्तर नाही दिलंस मला | वडापाव | 0 | |
| तू उत्तर नाही दिलंस मला | वडापाव | 4 | |
| आली सुमधूर संमोहक दिवाळी | निमिष सोनार | 0 | |
| आली सुमधूर संमोहक दिवाळी | निमिष सोनार | 0 | |
| 'वाढदिवस' | अमेय६३७७ | 0 | |
| 'वाढदिवस' | अमेय६३७७ | 28 | |
| परिपक्व | अज्ञातकुल | 0 | |
| परिपक्व | अज्ञातकुल | 2 | |
| मंतरलेले दिवस ते, पुन्हा परत येतील का.... | वेल्लाभट | 0 | |
| मंतरलेले दिवस ते, पुन्हा परत येतील का.... | वेल्लाभट | 5 | |
| शापवाणी | धन्या | 0 | |
| शापवाणी | धन्या | 24 | |
| किनारा | सागरलहरी | 0 | |
| किनारा | सागरलहरी | 4 | |
| देऊळ | सार्थबोध | 0 | |
| देऊळ | सार्थबोध | 2 | |
| घरे उजळती सारी | वेल्लाभट | 0 | |
| घरे उजळती सारी | वेल्लाभट | 5 | |
| चीत्कला | अज्ञातकुल | 0 | |
| चीत्कला | अज्ञातकुल | 21 |