| एक पैंजणाचा पाय |
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चांदणे संदीप |
| थ्री डॉटर्स ऑफ चायना |
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अनया |
| वलय |
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गुल्लू दादा |
| नयन वळविता सहज कुठेतरी - काही चित्रस्मृती |
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चित्रगुप्त |
| आंद्रेचं खुलं आयुष्य अर्थात 'ओपन' |
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मीअपर्णा |
| धरलं तर चावतं... |
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मित्रहो |
| मिपा दिवाळी अंक २०१९- अनुक्रमणिका |
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टर्मीनेटर |
| अनाम वीरा... |
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पद्मावति |
| कमुआत्या |
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रणजित चितळे |
| हेचि खाणे देगा बावा |
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अनिंद्य |
| दिगंतराचे प्रवासी |
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हरिहर |
| न सुटलेली कोडी! |
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किल्लेदार |
| कॅलिफोर्नियातील ट्रेन प्रवास |
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श्रीरंग_जोशी |
| खूण |
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आरती रानडे |
| दूरदेशीचा फकीर कोणी |
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आरती रानडे |
| उलट्या काळजांची उलटी गंगा |
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गंगाधर मुटे |
| घारगे |
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गणपा |
| सफर स्पिती व्हॅलीची |
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जातीवंत भटका |
| चॉकलेट नारळ बर्फी |
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गणपा |
| हंगामा है क्यों बरपा... बार टेंडिंगचे रंजक जग - श्वेता चक्रदेव |
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साहित्य संपादक |