| मिपा दिवाळी अंक २०१९- अनुक्रमणिका |
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टर्मीनेटर |
| धरलं तर चावतं... |
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मित्रहो |
| आंद्रेचं खुलं आयुष्य अर्थात 'ओपन' |
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मीअपर्णा |
| नयन वळविता सहज कुठेतरी - काही चित्रस्मृती |
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चित्रगुप्त |
| वलय |
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गुल्लू दादा |
| थ्री डॉटर्स ऑफ चायना |
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अनया |
| एक पैंजणाचा पाय |
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चांदणे संदीप |
| ह्या असल्या पाऊसरात्री |
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चांदणे संदीप |
| छायेत मानवाच्या |
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स्मिताके |
| काहूर |
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चॅट्सवूड |
| देंव बरें करूं |
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गौरीबाई गोवेकर नवीन |
| एक शीतल आठवण |
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जुइ |
| ट्रेकानुभव : वाहनांचे किस्से |
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दुर्गविहारी |
| शांती आवेदना सदन |
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नूतन सावंत |
| बंध |
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आजी |
| जुगलबंदी |
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सुधीर कांदळकर |
| माझे गुरुजन |
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अनंतफंदी |
| कुंभमेळा |
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क्रांती |
| दृष्टीच्या विधा - एका बहुआयामी कलाप्रदर्शनाचे स्पर्शग्रहण |
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धनंजय |
| जुने जाऊ द्या ... |
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Jayant Naik |