ED, ED, आमची ED,
खास १ एप्रिल साठी चॅट जीपीटीच्या सहाय्याने तयार केलेले काव्य
(Verse 1)
अपराधों के खिलाफ, लड़ती है हमारी ED,
आर्थिक अपराधों का, करती है नियंत्रण।
कानून की रक्षा, है उसका कर्तव्य,
जनता की सुरक्षा, है उसका धर्म।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी ED,
अपराध के खिलाफ, है हमारी जंग।
(Verse 2)
काले धन के खिलाफ, खड़ी है यह सेना,
भ्रष्टाचार की आग में, जलती है यह लेना।
जुर्म के खिलाफ, चलती है यह बड़ी,
सच्चाई के खोज में, लगती है यह प्रयासी।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी ED,
अपराध के खिलाफ, है हमारी जंग।
(Bridge)
सत्य की राह पर, अड़े हैं हम सभी,
अपराध के खिलाफ, बढ़ रही है यह लड़ाई।
(Chorus)
ED, ED, है हमारी ED,
अपराध के खिलाफ, है हमारी जंग।
हेच मराठीत
(Verse 1)
अपराधांविरुद्ध, लढणारी आमची ED,
आर्थिक अपराधांचा, करते नियंत्रण।
कायद्यांची रक्षा, आहे त्याचा कर्तव्य,
प्रजेची सुरक्षा, आहे त्याचा धर्म।
(Chorus)
ED, ED, आमची ED,
अपराधांविरुद्ध, आमची लढण।
(Verse 2)
काळ्या धनांविरुद्ध, खड्डं आहे ही सेना,
भ्रष्टाचाराच्या आगीत, जळतं आहे हे लेना।
अपराधांविरुद्ध, चालतं आहे ही मोठी,
सत्याच्या शोधात, लागतं आहे ही प्रयत्नी।
(Chorus)
ED, ED, आमची ED,
अपराधांविरुद्ध, आमची लढण।
(Bridge)
सत्याच्या मार्गावर, उभे आहे आम्ही सर्व,
अपराधांविरुद्ध, वाढतं आहे ही लढणी।
(Chorus)
ED, ED, आमची ED,
अपराधांविरुद्ध, आमची लढण।