कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| एक प्रायोगिक कविता | केशवसुमार | 29 | |
| एक प्रायोगिक कविता | केशवसुमार | 0 | |
| (तू) | चतुरंग | 10 | |
| (तू) | चतुरंग | 0 | |
| स्वतःचे देवपण विसरलास? | namdev narkar | 1 | |
| स्वतःचे देवपण विसरलास? | namdev narkar | 0 | |
| (खेळी) | केशवसुमार | 17 | |
| (खेळी) | केशवसुमार | 0 | |
| खेळी. | स्वाती फडणीस | 16 | |
| खेळी. | स्वाती फडणीस | 0 | |
| (...ते तसे नाहीत ना, मी ...) | केशवसुमार | 10 | |
| (...ते तसे नाहीत ना, मी ...) | केशवसुमार | 0 | |
| (मोजलेली 'मापे') | चतुरंग | 13 | |
| (मोजलेली 'मापे') | चतुरंग | 0 | |
| जीवन मी जगून गेलो | स्वाती फडणीस | 7 | |
| जीवन मी जगून गेलो | स्वाती फडणीस | 0 | |
| बदल तर घडतोय... | स्वाती फडणीस | 1 | |
| बदल तर घडतोय... | स्वाती फडणीस | 0 | |
| चूकीचे ( गझल ) | आनंदा माने | 2 | |
| चूकीचे ( गझल ) | आनंदा माने | 0 |