कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| तुझे नि माझे मिटू दे अंतर | पुष्कराज | 6 | |
| तुझे नि माझे मिटू दे अंतर | पुष्कराज | 0 | |
| तुझ्या गळा, माझ्या गळा..! | उपटसुंभ | 3 | |
| तुझ्या गळा, माझ्या गळा..! | उपटसुंभ | 0 | |
| विडंबन - विश्वासदर्शक ठरावाच्या निमित्ताने | उपटसुंभ | 1 | |
| विडंबन - विश्वासदर्शक ठरावाच्या निमित्ताने | उपटसुंभ | 0 | |
| एक शून्य ...... | अरुण मनोहर | 6 | |
| एक शून्य ...... | अरुण मनोहर | 0 | |
| बुश:काल होता होता, `लाल'रात्र झाली... | अविनाश ओगले | 24 | |
| बुश:काल होता होता, `लाल'रात्र झाली... | अविनाश ओगले | 0 | |
| पहाट | पंचम | 9 | |
| पहाट | पंचम | 0 | |
| माझी सुंदर आई | श्रीकृष्ण सामंत | 2 | |
| माझी सुंदर आई | श्रीकृष्ण सामंत | 0 | |
| ठपका! | चतुरंग | 13 | |
| ठपका! | चतुरंग | 0 | |
| घरात भरल्या घुसले उंदीर... | अविनाश ओगले | 15 | |
| घरात भरल्या घुसले उंदीर... | अविनाश ओगले | 0 | |
| ठिपका | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 22 | |
| ठिपका | अनिरुद्ध अभ्यंकर | 0 |