कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शनिवारचा उतारा - दुविधा | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 11 | |
| शनिवारचा उतारा - दुविधा | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 0 | |
| बुधवारची कविता : (खवट) | llपुण्याचे पेशवेll | 16 | |
| बुधवारची कविता : (खवट) | llपुण्याचे पेशवेll | 0 | |
| <सवयीने मंद > | विजुभाऊ | 4 | |
| <सवयीने मंद > | विजुभाऊ | 0 | |
| सात .... | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| सात .... | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| रात्र मिलनाची ... ! | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| रात्र मिलनाची ... ! | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| कधीतरी | नेहमी आनंदी | 3 | |
| कधीतरी | नेहमी आनंदी | 0 | |
| (सवयीने मंद) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 15 | |
| (सवयीने मंद) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 0 | |
| निरंजन | दमनक | 2 | |
| निरंजन | दमनक | 0 | |
| जगलो जरी मी खुप. | टुकुल | 2 | |
| जगलो जरी मी खुप. | टुकुल | 0 | |
| [मूल ते मा़झेच होते] | अमृतांजन | 3 | |
| [मूल ते मा़झेच होते] | अमृतांजन | 0 |