कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
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| मन भरून येते पण आभाळ काही भरत नाही | सागरलहरी | 2 | |
| मन भरून येते पण आभाळ काही भरत नाही | सागरलहरी | 0 | |
| कशाला ? | सागरलहरी | 2 | |
| कशाला ? | सागरलहरी | 0 | |
| येई येई गा मुकुंदा | जगज्जीवन परमानंदा | | सागरलहरी | 0 | |
| येई येई गा मुकुंदा | जगज्जीवन परमानंदा | | सागरलहरी | 0 | |
| खरेसाहेब ......., माफ करा ! | विशाल कुलकर्णी | 10 | |
| खरेसाहेब ......., माफ करा ! | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| सांता क्लॉज | अविनाशकुलकर्णी | 9 | |
| सांता क्लॉज | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| बुधवारची कविता: (मुद्दाम काढलेले) | llपुण्याचे पेशवेll | 60 | |
| बुधवारची कविता: (मुद्दाम काढलेले) | llपुण्याचे पेशवेll | 0 | |
| (आवाहन) अर्थात कसं काय एडीटर बरं हाय का? | केसुरंगा | 13 | |
| (आवाहन) अर्थात कसं काय एडीटर बरं हाय का? | केसुरंगा | 0 | |
| नव्या दशकाचे बडबडगीत. | विजुभाऊ | 25 | |
| नव्या दशकाचे बडबडगीत. | विजुभाऊ | 0 | |
| (घाईची वेळ) | शाहरुख | 8 | |
| (घाईची वेळ) | शाहरुख | 0 | |
| (पंक्चरची वेळ) | llपुण्याचे पेशवेll | 18 | |
| (पंक्चरची वेळ) | llपुण्याचे पेशवेll | 0 |