कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| पहिला पाउस | नाद्खुळा | 5 | |
| पहिला पाउस | नाद्खुळा | 0 | |
| नजर | प्रभो | 5 | |
| नजर | प्रभो | 0 | |
| परम सन्तोश | निरन्जन वहालेकर | 5 | |
| परम सन्तोश | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| भग्न किनारे | जयवी | 10 | |
| भग्न किनारे | जयवी | 0 | |
| आठव | आमोद | 5 | |
| आठव | आमोद | 0 | |
| जाणीव | तुका म्हणे | 1 | |
| जाणीव | तुका म्हणे | 0 | |
| स्त्री - पुरुष | मंगेशपावसकर | 15 | |
| स्त्री - पुरुष | मंगेशपावसकर | 0 | |
| जबरा नशीला ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 1 | |
| जबरा नशीला ! ! ! | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| करप्शन | श्रीराम पेंडसे | 2 | |
| करप्शन | श्रीराम पेंडसे | 0 | |
| चला जोडीनं तण हे काढू, चला ठिबकसिंचन करू | पाषाणभेद | 0 | |
| चला जोडीनं तण हे काढू, चला ठिबकसिंचन करू | पाषाणभेद | 0 |