कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| नवीन चारोळ्या | विवेकपटाईत | 0 | |
| नवीन चारोळ्या | विवेकपटाईत | 3 | |
| मन रे | अज्ञातकुल | 0 | |
| मन रे | अज्ञातकुल | 4 | |
| बरंच बरंच काही... | जुईचे फूल | 0 | |
| बरंच बरंच काही... | जुईचे फूल | 2 | |
| आज आसु मझ्या..... | पंडित मयुरेश नागेश्वरम देशपांडे | 0 | |
| आज आसु मझ्या..... | पंडित मयुरेश नागेश्वरम देशपांडे | 5 | |
| काही व्हेलेंटाईनी चारोळ्या | विवेकपटाईत | 0 | |
| काही व्हेलेंटाईनी चारोळ्या | विवेकपटाईत | 2 | |
| पायघड्या पुन्हा पडल्या त्याच नेत्याला - झुलवी जन स्मृतींना वतनी मनातल्या | माहितगार | 0 | |
| पायघड्या पुन्हा पडल्या त्याच नेत्याला - झुलवी जन स्मृतींना वतनी मनातल्या | माहितगार | 0 | |
| ऋण | यशोधरा | 0 | |
| ऋण | यशोधरा | 33 | |
| चिमुटभर | अज्ञातकुल | 0 | |
| चिमुटभर | अज्ञातकुल | 1 | |
| एक गीत | उदय सप्रे | 0 | |
| एक गीत | उदय सप्रे | 5 | |
| मिपाचे नविन सदस्य | बरखा | 0 | |
| मिपाचे नविन सदस्य | बरखा | 15 |