कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| नॉस्टॅल्जिआ | ऋषिकेश | 0 | |
| नॉस्टॅल्जिआ | ऋषिकेश | 16 | |
| टग्यामहाराज बारामतीकर | मंदार दिलीप जोशी | 0 | |
| टग्यामहाराज बारामतीकर | मंदार दिलीप जोशी | 34 | |
| पाऊस म्हणाला | मालविका | 0 | |
| पाऊस म्हणाला | मालविका | 2 | |
| बघ जरा बघ जरा, | माहितगार | 0 | |
| बघ जरा बघ जरा, | माहितगार | 5 | |
| पिठ पाडण्या साठी कोणी जातं वापरु नये...... | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 | |
| पिठ पाडण्या साठी कोणी जातं वापरु नये...... | ज्ञानोबाचे पैजार | 3 | |
| तिला समुद्र आवडतो... | माधुरी विनायक | 0 | |
| तिला समुद्र आवडतो... | माधुरी विनायक | 6 | |
| कविता क्रमांक एक | सुशेगाद | 8 | |
| कविता क्रमांक एक | सुशेगाद | 0 | |
| आई-बाप; आई-बाप, म्हणजे नक्की काय असतं? | सार्थबोध | 0 | |
| आई-बाप; आई-बाप, म्हणजे नक्की काय असतं? | सार्थबोध | 2 | |
| विखुरल्या वेदना येथे सुगंधासारख्या राणी | drsunilahirrao | 0 | |
| विखुरल्या वेदना येथे सुगंधासारख्या राणी | drsunilahirrao | 4 | |
| तू | चाणक्य | 0 | |
| तू | चाणक्य | 12 |