कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| बोळे | सोंड्या | 0 | |
| बोळे | सोंड्या | 11 | |
| आहे एक उस....... | दमामि | 0 | |
| आहे एक उस....... | दमामि | 18 | |
| पदोपदी देव ठाण मांडून बैसलेले.. | drsunilahirrao | 0 | |
| पदोपदी देव ठाण मांडून बैसलेले.. | drsunilahirrao | 3 | |
| बदसुरत न बना हकीकत | अरुण मनोहर | 0 | |
| बदसुरत न बना हकीकत | अरुण मनोहर | 4 | |
| होता एक उस | सोंड्या | 0 | |
| होता एक उस | सोंड्या | 9 | |
| हवा एक पाऊस.......... | एक एकटा एकटाच | 0 | |
| हवा एक पाऊस.......... | एक एकटा एकटाच | 9 | |
| वर्तुळ | शब्दवेडी | 0 | |
| वर्तुळ | शब्दवेडी | 17 | |
| (राहिले रे अजून देश किती) | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| (राहिले रे अजून देश किती) | स्वामी संकेतानंद | 16 | |
| "द्वारकेचा राणा" | शैलेन्द्र | 0 | |
| "द्वारकेचा राणा" | शैलेन्द्र | 22 | |
| राधाबाई | प्रशु | 0 | |
| राधाबाई | प्रशु | 5 |