कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| सोडल्य दह्यात मिश्या ( करून दाखवले ) | पाटीलअमित | 0 | |
| सोडल्य दह्यात मिश्या ( करून दाखवले ) | पाटीलअमित | 25 | |
| कट्टा........!!!!!! | एक एकटा एकटाच | 0 | |
| कट्टा........!!!!!! | एक एकटा एकटाच | 8 | |
| बहर | चाणक्य | 0 | |
| बहर | चाणक्य | 20 | |
| नुसतेच शब्द ओठी | वेल्लाभट | 0 | |
| नुसतेच शब्द ओठी | वेल्लाभट | 11 | |
| शष्पचिंतन | निराकार गाढव | 0 | |
| शष्पचिंतन | निराकार गाढव | 17 | |
| ‘मरावे परी कीर्तिरूपे उरावे’-मी जालावर लेखकू का झालो | विवेकपटाईत | 14 | |
| ‘मरावे परी कीर्तिरूपे उरावे’-मी जालावर लेखकू का झालो | विवेकपटाईत | 0 | |
| स्वतंत्र | पथिक | 0 | |
| स्वतंत्र | पथिक | 7 | |
| सगळेच सुरळीत चालले आहे | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| सगळेच सुरळीत चालले आहे | स्वामी संकेतानंद | 4 | |
| शुष्क | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| शुष्क | विशाल कुलकर्णी | 20 | |
| आमचाही पाउस..... | ज्ञानोबाचे पैजार | 14 | |
| आमचाही पाउस..... | ज्ञानोबाचे पैजार | 0 |