कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| गारवा | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| गारवा | अविनाशकुलकर्णी | 12 | |
| ..तुझे टाळतो मी अताशा शहर.. | कानडाऊ योगेशु | 5 | |
| ..तुझे टाळतो मी अताशा शहर.. | कानडाऊ योगेशु | 0 | |
| गझल :- जंगलातले नियम इथे लावायचे | स्वामी संकेतानंद | 0 | |
| गझल :- जंगलातले नियम इथे लावायचे | स्वामी संकेतानंद | 6 | |
| स्वप्नातली शामली | दिनु गवळी | 0 | |
| स्वप्नातली शामली | दिनु गवळी | 27 | |
| सुंदरी काय आहे तुझ्या मनांत? | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| सुंदरी काय आहे तुझ्या मनांत? | अविनाशकुलकर्णी | 6 | |
| वात्रटिका - झिंगाट प्रेम | विवेकपटाईत | 1 | |
| वात्रटिका - झिंगाट प्रेम | विवेकपटाईत | 0 | |
| "व्वा…क्या बात है…!" | अश्विनी वैद्य | 0 | |
| "व्वा…क्या बात है…!" | अश्विनी वैद्य | 2 | |
| पावसामधल भंकस इंद्रधनुष्य | सुशेगाद | 3 | |
| पावसामधल भंकस इंद्रधनुष्य | सुशेगाद | 0 | |
| निशाण | म्हसोबा | 0 | |
| निशाण | म्हसोबा | 2 | |
| ..कुणी दार माझे ठोठावले.. | कानडाऊ योगेशु | 5 | |
| ..कुणी दार माझे ठोठावले.. | कानडाऊ योगेशु | 0 |