कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (एक ग्लास त्याचा....) | सतिश गावडे | 0 | |
| (एक ग्लास त्याचा....) | सतिश गावडे | 28 | |
| एक मुक्तक | रामदास | 0 | |
| एक मुक्तक | रामदास | 8 | |
| चारू-वाक १ | माहितगार | 0 | |
| चारू-वाक १ | माहितगार | 1 | |
| म्हणूनच तर मी घोरत होते | माहितगार | 0 | |
| म्हणूनच तर मी घोरत होते | माहितगार | 3 | |
| उधळायचे तर उधळून घे माधळून घे | माहितगार | 0 | |
| उधळायचे तर उधळून घे माधळून घे | माहितगार | 1 | |
| केवळ माझीया विवेका संगे | माहितगार | 0 | |
| केवळ माझीया विवेका संगे | माहितगार | 0 | |
| पाण्यात हसरी राधा रुक्मिणी सवे | माहितगार | 0 | |
| पाण्यात हसरी राधा रुक्मिणी सवे | माहितगार | 2 | |
| तडा गेलाच आहे तर... | सत्यजित... | 0 | |
| तडा गेलाच आहे तर... | सत्यजित... | 16 | |
| नाद मेघांचाच दर्जेदार होता... | सत्यजित... | 2 | |
| नाद मेघांचाच दर्जेदार होता... | सत्यजित... | 0 | |
| वाहताना-जगताना | पिशी अबोली | 0 | |
| वाहताना-जगताना | पिशी अबोली | 0 |