कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मैत्रि... | DTPS | 4 | |
| मैत्रि... | DTPS | 0 | |
| ओंजळीने ती जसा,झाकून घेते चेहरा... | सत्यजित... | 0 | |
| ओंजळीने ती जसा,झाकून घेते चेहरा... | सत्यजित... | 43 | |
| ऐसी काये केली करणी काय जाणो | सागरलहरी | 0 | |
| ऐसी काये केली करणी काय जाणो | सागरलहरी | 4 | |
| स्वप्नांचे कवडसे | शिवोऽहम् | 0 | |
| स्वप्नांचे कवडसे | शिवोऽहम् | 15 | |
| जन पळभर करतिल हाय हाय | मूखदूर्बळ | 8 | |
| जन पळभर करतिल हाय हाय | मूखदूर्बळ | 0 | |
| कास्तकारी :( | अॅस्ट्रोनाट विनय | 0 | |
| कास्तकारी :( | अॅस्ट्रोनाट विनय | 9 | |
| सुगंध | शिव कन्या | 0 | |
| सुगंध | शिव कन्या | 4 | |
| ये, दिग्बन्ध तोडून ये, | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| ये, दिग्बन्ध तोडून ये, | अनन्त्_यात्री | 11 | |
| अता ही भेट टळणे शक्य आहे .. | drsunilahirrao | 0 | |
| अता ही भेट टळणे शक्य आहे .. | drsunilahirrao | 7 | |
| ती एकदाच दिसली... | सत्यजित... | 14 | |
| ती एकदाच दिसली... | सत्यजित... | 0 |