कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शब्दांच्या घनगर्द सावलीत | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| शब्दांच्या घनगर्द सावलीत | अनन्त्_यात्री | 7 | |
| मी कळीला फुले वेचताना पाहिले | आकाश५०८९ | 0 | |
| मी कळीला फुले वेचताना पाहिले | आकाश५०८९ | 0 | |
| तो बोलला खरे | आकाश५०८९ | 0 | |
| तो बोलला खरे | आकाश५०८९ | 0 | |
| थांबला नसतास तू | आकाश५०८९ | 0 | |
| थांबला नसतास तू | आकाश५०८९ | 4 | |
| पूर | कहर | 0 | |
| पूर | कहर | 4 | |
| सारंगिया | मनमेघ | 0 | |
| सारंगिया | मनमेघ | 7 | |
| कोणीतरी असावे....... | फिझा | 0 | |
| कोणीतरी असावे....... | फिझा | 0 | |
| द्वादशैतानि नामानि | अनन्त्_यात्री | 0 | |
| द्वादशैतानि नामानि | अनन्त्_यात्री | 8 | |
| मन यॉडलं यॉडलं! (यॉडलिंगवर गझल) | कुमार जावडेकर | 0 | |
| मन यॉडलं यॉडलं! (यॉडलिंगवर गझल) | कुमार जावडेकर | 4 | |
| तांब्याश्री | चामुंडराय | 9 | |
| तांब्याश्री | चामुंडराय | 0 |