पंचमी
💬 प्रतिसाद
प
प्रचेतस
Tue, 01/04/2022 - 04:41
नवीन
सुरेख लिहिलंय कर्नलसाहेब.
भ्रूभंग-भ्रूकूटी उडवून कटाक्ष टाकणे?
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क
कर्नलतपस्वी
Tue, 01/04/2022 - 05:37
नवीन
प्रचेतस जी धन्यवाद, भ्रुभंग म्हणजे "भौऐ चढना, त्योरीयाँ चढाना" , यात "मेरी कमीज से उसकी कमीज ज्यादा सफेद क्यूँ है" असा भाव.
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क
कर्नलतपस्वी
Tue, 01/04/2022 - 05:40
नवीन
बागवानीची चटक लागली, सेवानिवृती नंतर बाल्कनीत फुलझाडे जोपासत दुधाची तहान ताकावर भागवतोय.
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च
चांदणे संदीप
Tue, 01/04/2022 - 13:00
नवीन
छान, कविता आवडली.
सं - दी - प
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