कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| चाळ ही हदरून जाते | केशवसुमार | 18 | |
| चाळ ही हदरून जाते | केशवसुमार | 0 | |
| (वाट) | केशवसुमार | 1 | |
| (वाट) | केशवसुमार | 0 | |
| सुनीतः एक प्रयत्न | ऋषिकेश | 3 | |
| सुनीतः एक प्रयत्न | ऋषिकेश | 0 | |
| विडंबन - तोच नौरोबा घरात, स्थूल आणि स्वस्थ ही | अविनाश ओगले | 5 | |
| विडंबन - तोच नौरोबा घरात, स्थूल आणि स्वस्थ ही | अविनाश ओगले | 0 | |
| विडंबन - जे खावे पचण्याचे वय निघून गेले | अविनाश ओगले | 24 | |
| विडंबन - जे खावे पचण्याचे वय निघून गेले | अविनाश ओगले | 0 | |
| अंतर | सचिन | 5 | |
| अंतर | सचिन | 0 | |
| मी दारु प्याली नाही....... | ब्रिटिश टिंग्या | 5 | |
| मी दारु प्याली नाही....... | ब्रिटिश टिंग्या | 0 | |
| विडंबन-गुत्त्याच्या रे उंबरठ्यावर आपण दोघे. | अविनाश ओगले | 4 | |
| विडंबन-गुत्त्याच्या रे उंबरठ्यावर आपण दोघे. | अविनाश ओगले | 0 | |
| या दोन ओळी घ्या... पुढचे शेर लिहा........ | अविनाश ओगले | 7 | |
| या दोन ओळी घ्या... पुढचे शेर लिहा........ | अविनाश ओगले | 0 | |
| सगळ्याना ओपन चॅलेंज........र ला ट न जुळवता चारोळी | विजुभाऊ | 86 | |
| सगळ्याना ओपन चॅलेंज........र ला ट न जुळवता चारोळी | विजुभाऊ | 0 |