कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| क्षितीज | शाल्मलि | 9 | |
| क्षितीज | शाल्मलि | 0 | |
| लग्न करुन तु सासरी गेली आहेस | अविनाशकुलकर्णी | 15 | |
| लग्न करुन तु सासरी गेली आहेस | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| जुना ओसाड वाडा | दत्ता काळे | 24 | |
| जुना ओसाड वाडा | दत्ता काळे | 0 | |
| माझे मन..... | sanjubaba | 0 | |
| माझे मन..... | sanjubaba | 0 | |
| तो माणूस भणंग होता | मूखदूर्बळ | 0 | |
| तो माणूस भणंग होता | मूखदूर्बळ | 0 | |
| मी आलो. | रेझर रेमॉन | 6 | |
| मी आलो. | रेझर रेमॉन | 0 | |
| वन्स मोअर, | अविनाशकुलकर्णी | 4 | |
| वन्स मोअर, | अविनाशकुलकर्णी | 0 | |
| नि:शब्द विजय (उद्धव मात्रावृत्त) | ऋषिकेश | 6 | |
| नि:शब्द विजय (उद्धव मात्रावृत्त) | ऋषिकेश | 0 | |
| गजल | mahesh jahagirdar | 4 | |
| गजल | mahesh jahagirdar | 0 | |
| दिव्याभोवती अंधार (गीतांजली - अनुवाद) | लिखाळ | 21 | |
| दिव्याभोवती अंधार (गीतांजली - अनुवाद) | लिखाळ | 0 |