कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| (किती धीर ठेवू?) | आंबोळी | 2 | |
| (किती धीर ठेवू?) | आंबोळी | 0 | |
| जगाची रित. | जागु | 10 | |
| जगाची रित. | जागु | 0 | |
| (नजरा!!) | घाटावरचे भट | 15 | |
| (नजरा!!) | घाटावरचे भट | 0 | |
| [ठेव दरवाजा खुला...] | केशवसुमार | 9 | |
| [ठेव दरवाजा खुला...] | केशवसुमार | 0 | |
| नजरा!! | प्राजु | 40 | |
| नजरा!! | प्राजु | 0 | |
| (ठेव दरवाजा खुला...) | चतुरंग | 9 | |
| (ठेव दरवाजा खुला...) | चतुरंग | 0 | |
| मातीचेच पाय | क्रान्ति | 12 | |
| मातीचेच पाय | क्रान्ति | 0 | |
| श्री गजानन महाराज ! भक्तिरचना... | चंद्रशेखर महामुनी | 35 | |
| श्री गजानन महाराज ! भक्तिरचना... | चंद्रशेखर महामुनी | 0 | |
| दुर का रे असतो | पाषाणभेद | 9 | |
| दुर का रे असतो | पाषाणभेद | 0 | |
| (बहु असोत) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 27 | |
| (बहु असोत) | ३_१४ विक्षिप्त अदिती | 0 |