कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| विरह | अरुण वडुलेकर | 1 | |
| विरह | अरुण वडुलेकर | 0 | |
| वर्णन (तमाशातले सवाल जबाब): पुन्हा लेखन | पाषाणभेद | 0 | |
| वर्णन (तमाशातले सवाल जबाब): पुन्हा लेखन | पाषाणभेद | 0 | |
| झाले गेले विसरुनी जाऊन | पाषाणभेद | 3 | |
| झाले गेले विसरुनी जाऊन | पाषाणभेद | 0 | |
| मनात वसलेला गुलमोहर | क्रान्ति | 16 | |
| मनात वसलेला गुलमोहर | क्रान्ति | 0 | |
| || शिवराज्याभिषेक || | मनीषा | 8 | |
| || शिवराज्याभिषेक || | मनीषा | 0 | |
| "दिलाचा दिलवर भेटला..." | शरदिनी | 31 | |
| "दिलाचा दिलवर भेटला..." | शरदिनी | 0 | |
| टाहो | अरुण वडुलेकर | 6 | |
| टाहो | अरुण वडुलेकर | 0 | |
| कसं सांगू ....? | अरुण वडुलेकर | 3 | |
| कसं सांगू ....? | अरुण वडुलेकर | 0 | |
| काव्य | दत्ता काळे | 9 | |
| काव्य | दत्ता काळे | 0 | |
| चारोळ्या | स्वप्निल मन | 4 | |
| चारोळ्या | स्वप्निल मन | 0 |