कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| युगलगीत: ही धुंद पावसाळी हवा | पाषाणभेद | 9 | |
| युगलगीत: ही धुंद पावसाळी हवा | पाषाणभेद | 0 | |
| कातरवेळ | दत्ता काळे | 7 | |
| कातरवेळ | दत्ता काळे | 0 | |
| दिसू लागले स्पष्ट जसे हे | केशवसुमार | 39 | |
| दिसू लागले स्पष्ट जसे हे | केशवसुमार | 0 | |
| ..पाऊस मोठा अस्सा यावा.. | कानडाऊ योगेशु | 18 | |
| ..पाऊस मोठा अस्सा यावा.. | कानडाऊ योगेशु | 0 | |
| कषाय-दान | पुष्कर | 9 | |
| कषाय-दान | पुष्कर | 0 | |
| भस्म्या !! | स्पंदना | 36 | |
| भस्म्या !! | स्पंदना | 0 | |
| गीत: कसं जगावं या असल्या दिवसात | पाषाणभेद | 2 | |
| गीत: कसं जगावं या असल्या दिवसात | पाषाणभेद | 0 | |
| तुझी जीन्स पॅन्ट | पाषाणभेद | 3 | |
| तुझी जीन्स पॅन्ट | पाषाणभेद | 0 | |
| आणि अचानक..... | हर्षद आनंदी | 3 | |
| आणि अचानक..... | हर्षद आनंदी | 0 | |
| चार ओळी मनापासुन... | हर्षद आनंदी | 1 | |
| चार ओळी मनापासुन... | हर्षद आनंदी | 0 |