कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| शेतकरी गीत: शेतात पेरणीची चल झाली आता वेळ | पाषाणभेद | 0 | |
| शेतकरी गीत: शेतात पेरणीची चल झाली आता वेळ | पाषाणभेद | 0 | |
| वा(रुळ) | sur_nair | 4 | |
| वा(रुळ) | sur_nair | 0 | |
| ??? | प्रमोद देव | 27 | |
| ??? | प्रमोद देव | 0 | |
| [कूळ ] | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | 13 | |
| [कूळ ] | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | 0 | |
| नळ | अर्धवट | 1 | |
| नळ | अर्धवट | 0 | |
| (वळ) | अर्धवट | 4 | |
| (वळ) | अर्धवट | 0 | |
| (गळ) | मोहन | 4 | |
| (गळ) | मोहन | 0 | |
| सुळ | कोदरकर | 6 | |
| सुळ | कोदरकर | 0 | |
| (तूळ) | शुचि | 6 | |
| (तूळ) | शुचि | 0 | |
| घो(स)ळ | आंबोळी | 21 | |
| घो(स)ळ | आंबोळी | 0 |