कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| भेटेन पुन्हा एकदा... नव्याने पुन्हा... | जाई अस्सल कोल्हापुरी | 4 | |
| भेटेन पुन्हा एकदा... नव्याने पुन्हा... | जाई अस्सल कोल्हापुरी | 0 | |
| चाललो मी.... | स्वानंद मारुलकर | 7 | |
| चाललो मी.... | स्वानंद मारुलकर | 0 | |
| सही | नगरीनिरंजन | 7 | |
| सही | नगरीनिरंजन | 0 | |
| गंमतीची गोष्ट | नीधप | 8 | |
| गंमतीची गोष्ट | नीधप | 0 | |
| <घोगरा> | नाटक्या | 8 | |
| <घोगरा> | नाटक्या | 0 | |
| मोगरा | शुचि | 15 | |
| मोगरा | शुचि | 0 | |
| माणूस म्हणून जगण्याची ही किंमत.... | दशानन | 10 | |
| माणूस म्हणून जगण्याची ही किंमत.... | दशानन | 0 | |
| “( अ ) द्वितिय ” प्रेम | निरन्जन वहालेकर | 6 | |
| “( अ ) द्वितिय ” प्रेम | निरन्जन वहालेकर | 0 | |
| देवा तु चुकलास | प्रीत-मोहर | 16 | |
| देवा तु चुकलास | प्रीत-मोहर | 0 | |
| हे खेळ संचिताचे .....! | गंगाधर मुटे | 10 | |
| हे खेळ संचिताचे .....! | गंगाधर मुटे | 0 |