कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| ती | कुसुमिता१२३ | 11 | |
| ती | कुसुमिता१२३ | 0 | |
| भक्तीगीतः गणपती त्यांच्या घरी गेले | पाषाणभेद | 0 | |
| भक्तीगीतः गणपती त्यांच्या घरी गेले | पाषाणभेद | 0 | |
| Conditions apply .... | विशाल कुलकर्णी | 8 | |
| Conditions apply .... | विशाल कुलकर्णी | 0 | |
| विडंबन परिपूर्ती करा | योगप्रभू | 24 | |
| विडंबन परिपूर्ती करा | योगप्रभू | 0 | |
| अनंत..... | स्पंदना | 4 | |
| अनंत..... | स्पंदना | 0 | |
| लावणी: राहून जा की आजच्या रातीला | पाषाणभेद | 5 | |
| लावणी: राहून जा की आजच्या रातीला | पाषाणभेद | 0 | |
| मुंबई | अथांग | 8 | |
| मुंबई | अथांग | 0 | |
| गझल | यशोधरा | 47 | |
| गझल | यशोधरा | 0 | |
| हिशेबाची माय मेली? | गंगाधर मुटे | 3 | |
| हिशेबाची माय मेली? | गंगाधर मुटे | 0 | |
| सल्ल्यासाठी विजूभाऊनी, इथ फोडिला टाहो, | केशवसुमार | 50 | |
| सल्ल्यासाठी विजूभाऊनी, इथ फोडिला टाहो, | केशवसुमार | 0 |