कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| मध्यरात्र..!! | प्रकाश१११ | 5 | |
| मध्यरात्र..!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| पुन्हा तुझीच वाट पहात आहे | गणेशा | 1 | |
| पुन्हा तुझीच वाट पहात आहे | गणेशा | 0 | |
| युगलगीतः मला वाजतीया थंडी | पाषाणभेद | 3 | |
| युगलगीतः मला वाजतीया थंडी | पाषाणभेद | 0 | |
| जख्ख अशी म्हातारी !! | प्रकाश१११ | 6 | |
| जख्ख अशी म्हातारी !! | प्रकाश१११ | 0 | |
| जख्ख अशी म्हातारी !! | प्रकाश१११ | 0 | |
| जख्ख अशी म्हातारी !! | प्रकाश१११ | 0 | |
| (गाडी सुटली , रुमाल हलले) | अडगळ | 12 | |
| (गाडी सुटली , रुमाल हलले) | अडगळ | 0 | |
| प्रवास मी एकटीच करते... (गीत) | गणेशा | 1 | |
| प्रवास मी एकटीच करते... (गीत) | गणेशा | 0 | |
| जे प्रेम करून लग्न करतात ...!! | प्रकाश१११ | 6 | |
| जे प्रेम करून लग्न करतात ...!! | प्रकाश१११ | 0 | |
| काय करू मी बाई सांगा तरी काही | पाषाणभेद | 1 | |
| काय करू मी बाई सांगा तरी काही | पाषाणभेद | 0 | |
| (एक बाई ठेवावी म्हणतोय!) | पिवळा डांबिस | 25 | |
| (एक बाई ठेवावी म्हणतोय!) | पिवळा डांबिस | 0 |