कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| असे होणारच | वैभवकुमारन | 1 | |
| असे होणारच | वैभवकुमारन | 0 | |
| "घन आज तो कठोर आहे" | वैभवकुमारन | 0 | |
| "घन आज तो कठोर आहे" | वैभवकुमारन | 7 | |
| जत्रा | विनय_६६७ | 0 | |
| जत्रा | विनय_६६७ | 0 | |
| बोकुल्या ये ना | विनय_६६७ | 0 | |
| बोकुल्या ये ना | विनय_६६७ | 17 | |
| ~देवा आता हार मान तू~ | वैभवकुमारन | 2 | |
| ~देवा आता हार मान तू~ | वैभवकुमारन | 0 | |
| "पाऊस येईल" | अमेय६३७७ | 0 | |
| "पाऊस येईल" | अमेय६३७७ | 22 | |
| ऐश्वर्य | सार्थबोध | 0 | |
| ऐश्वर्य | सार्थबोध | 1 | |
| "यमाची वरात" | वैभवकुमारन | 0 | |
| "यमाची वरात" | वैभवकुमारन | 11 | |
| अतृप्ती-एक चिरंतना | अत्रुप्त आत्मा | 0 | |
| अतृप्ती-एक चिरंतना | अत्रुप्त आत्मा | 29 | |
| परिपूर्ण गीता | अज्ञातकुल | 0 | |
| परिपूर्ण गीता | अज्ञातकुल | 0 |