कविता
| तारीख | लेखक | प्रतिसाद | |
|---|---|---|---|
| प्रेमाची भाषा | ज्योति अळवणी | 0 | |
| प्रेमाची भाषा | ज्योति अळवणी | 2 | |
| अंधार | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 0 | |
| अंधार | मिसळलेला काव्यप्रेमी | 12 | |
| नाटक | पदकि | 0 | |
| नाटक | पदकि | 3 | |
| गाठोडं | निलरंजन | 0 | |
| गाठोडं | निलरंजन | 2 | |
| "खरे सत्य बोला/ जपून जपून" | पदकि | 0 | |
| "खरे सत्य बोला/ जपून जपून" | पदकि | 9 | |
| "किंमत" | पदकि | 0 | |
| "किंमत" | पदकि | 3 | |
| भूत... वर्त्तमान.... भवीष्य | ज्योति अळवणी | 0 | |
| भूत... वर्त्तमान.... भवीष्य | ज्योति अळवणी | 1 | |
| चार अपशब्द | पदकि | 14 | |
| चार अपशब्द | पदकि | 0 | |
| कॉफ़ी | ज्योति अळवणी | 0 | |
| कॉफ़ी | ज्योति अळवणी | 11 | |
| आत्म"मुक्ति! | अत्रुप्त आत्मा | 0 | |
| आत्म"मुक्ति! | अत्रुप्त आत्मा | 30 |